خرق
/vâže/
فرهنگ فارسی معین
(خَ) [ ع. ] ۱- (مص م.) پاره کردن، درانیدن. ۲- (اِ.) درز، شکاف، رخنه.
(خَ رَ) [ ع. ] (اِ.) جِ خرقه.
(خَ یا خُ) [ ع. ] (اِ.) ۱- نادانی، ضعف رای. ۲- درشتی.
/vâže/
فرهنگ فارسی معین
(خَ) [ ع. ] ۱- (مص م.) پاره کردن، درانیدن. ۲- (اِ.) درز، شکاف، رخنه.
(خَ رَ) [ ع. ] (اِ.) جِ خرقه.
(خَ یا خُ) [ ع. ] (اِ.) ۱- نادانی، ضعف رای. ۲- درشتی.